सगाई का मुहूर्त निकालना

सगाई का शुभ मुहूर्त निकालते समय शुभ वार, शुभ तिथि, गुरु और शुक्र का उदय होना, सूर्य के उत्तरायण होना और शुभ योग को देखा जाता है।
यह सब देखने के बाद वर और कन्या के लिए शुभ नक्षत्र को देखना चाहिए।
वर शुभ नक्षत्र
रोहिणी, तीनों उत्तरा, तीनों पूर्वा , कृतिका, मृगशिरा, हस्त, मूल, अनुराधा, मघा, स्वाति और रेवती नक्षत्र होता है ।
कन्या शुभ नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, स्वाति, श्रवण, तीनों पुर्वा, अनुराधा, धनिष्ठा, कृतिका, मृगशिरा हस्त मूल, रोहिणी, तीनों उत्तरा, बाघा एवं रेवती नक्षत्र शुभ होते हैं।
नोट
वर और कन्या के नक्षत्रों में केवल उत्तराषाढ़ा श्रवण एवं धनिष्ठा नक्षत्र में वर का सगाई नहीं होता है। बाकी बताए गए सभी नक्षत्र वर और कन्या के लिए सामान्य है। 

Comments

Popular posts from this blog

दशमांश कुंडली का महत्व

चर स्थिर एवं द्विस्वभाव राशियां

ब्रांड