विजन क्लेरिटी ईशान कोण
जब भी जीवन में आप विचारों के भवर में फंसे हो।
आप निर्णय नहीं ले पा रहे हो कि क्या करना चाहिए।
साइकोलॉजिस्ट से परामर्श लेने के बावजूद भी आप निर्णय पर नहीं पहुंच पा रहे हो।
किसी भी प्रकार की मानसिक द्वंद्व में फंसे हो।
इसे निकालने के लिए आपके पास कोई रास्ता नहीं है।
तो आप अपने घर के नॉर्थ ईस्ट ( ईशान ) दिशा को देखो। यहां किसी भी प्रकार का कोई वास्तु दोष तो नहीं है। जैसे कि कबाड़ , जहां पुराना सामान रखा हो, स्टोर रूम, टॉयलेट , किचन, तारों का गुच्छा, लाल रंग, पीला रंग, यह दिशा घटा हो या यह दिशा कटा हो आदि दोष है तो उसे वहां से हटा दे अर्थात उस दिशा को बैलेंस कर दें। इसके पश्चात कुछ दिनों के लिए इस स्थान पर उसके लिए सोने की व्यवस्था कर दें। या फिर पढ़ने की व्यवस्था कर दें। ताकि ज्यादा से ज्यादा समय इस जोन में वह व्यक्ति अपना समय दे सके। जिससे कि इस दिशा का पॉजिटिव ऊर्जा उसे मिल सके।
कुछ समय बाद उसे जातक के मन में जितने भी डाउट्स होंगे वह दूर हो जाएगा। और अपने जीवन में एक निश्चित विजन पर काम करने लगेगा।
जिस प्रकार से एक साइकोलॉजिस्ट का काम है अपने क्लाइंट से प्रश्न पूछ कर उसके विजन को समझना और उसे उसी अनुसार परामर्श देना। एवं उसके अवचेतन मन में सकारात्मक विचार को प्रवेश करना जो उसके लिए उचित हो।
यही कार्य वास्तु में प्रत्येक दिशा का होता है। सीधा-सीधा वास्तु हमारे अवचेतन मन को प्रभावित करता है। और जिस प्रकार के जोन में हम ज्यादा समय व्यतीत करते हैं उस प्रकार से हमारा मस्तिष्क कार्य करने लगता है। और उस स्थान के ऊर्जा से हमारे मस्तिष्क को नियंत्रित करने लग जाता है। जैसे की ईशान कोण क्लेरिटी का है। विजन का है। अतः हमें ईशान कोण में समय बिताने से हमारे विजन क्लियर हो जाते हैं। जब हमारे विजन क्लियर हो जाते हैं तब हम जो पाना चाहते हैं उसके लिए योग्यता हासिल करते हैं। और उसे क्षेत्र में मास्टरी हासिल करते हैं। कभी-कभी क्या होता है कि हम में अरे अंदर किसी भी क्षेत्र में काम करने के पर्याप्त स्किल होने के बावजूद भी हम उसे कार्य को कर नहीं पाते हैं। कर नहीं पाए इसके पीछे मुख्य कारण होता है हमारे अंदर आत्मविश्वास की कमी होता है। जिसके कारण हमसे काम प्रतिभाशाली व्यक्ति तो जीवन में सफल हो जाता है परंतु उससे अधिक प्रतिभा रखने के बावजूद भी हमसफ़र नहीं हो पाते क्योंकि हमारे अंदर आत्मविश्वास की कमी है जिसके कारण हम डरते हैं । इस डर से बाहर निकालने के लिए हम कई बार साइकोलॉजिस्ट से मिलते हैं। और साइकोलॉजिस्ट हमारे मन के इस दर को समझकर उसे बाहर निकलने में मदद करता है। वास्तु में देखें तो यह प्रयास का जॉन हमारे आत्मविश्वास का जॉन हमारे डर से बाहर निकलने का जोन साउथ साउथ ईस्ट (SSE )है। हमारे आत्मविश्वास और साहस का जोन है।
अतः हमारा यह दिशा संतुलित है और इस दिशा में हम कुछ समय व्यतीत करते हैं तो हम अपना डर से जीत जाते हैं। और जब हम डर से जीत जाते हैं तो जोखिम लेना लेना सीख जाते हैं।
और इस जीवन में जो जोखिम लेता है वही सफलता की सीढ़ी चढ़ता है। जबकि सेफ जोन में रहने वाला व्यक्ति का जीवन एक औसत दर्जे का ही रहता है।
✍️ Raajeshwar Adiley
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