ग्रहों के संचार या निवास स्थान

जलाशय निवास
चंद्रमा , शुक्र जलीय ग्रह है इसलिए इनको जल के निकटवर्ती स्थान , जलाशय में भ्रमण करते हैं और इन्हें यह स्थानीय अधिक प्रिय है।

विद्वानों की बस्ती
बुध व गुरु विद्वानों की बस्ती में रहना पसंद करते हैं क्योंकि बुध बुद्धि का कारक है और गुरु ज्ञान का कारक इसलिए इनके घर गांव आदि में निवास करना इन्हें प्रिय है।

पर्वत व वनचारी
मंगल , राहु , शनि , केतु व सूर्य ग्रह पर्वत , वन जैसे स्थानों में रहना पसंद करते हैं इसलिए इन्हें पर्वत व वनचारी ग्रह कहा जाता है।

नोट 
जन्म कुंडली वह प्रश्न कुंडली में  बलवान ग्रह के आधार पर स्थानों का निश्चय किया जाता है।

वृह्दजातक एवं वराह मत के अनुसार निवास स्थान

सूर्य
सूर्य का निवास स्थान देवस्थान , मंदिर , पर्वतों , वनों उद्यानों में होते हैं।

चंद्रमा
चंद्रमा का निवास स्थान जल स्थान, समुद्र , नदी , तालाब   , स्विमिंग पूल , घर में पानी रखने के स्थान , स्नानागार , पानी की टंकी और वाटर सप्लाई के स्थान आदि होते हैं।

मंगल
अग्नि स्थान , चूल्हा , रसोई , होटल का किचन , भट्टी , शमशान , यज्ञ भूमि , बौद्ध विहार और आश्रम आदि मंगल के निवास स्थान होते हैं।

बुध
विहार भूमि , क्रीडा स्थान ,  मनोरंजन के स्थान , क्लब , पार्क , सिनेमाघर , सेमिनार स्थान , बाजार जहां भीड़ होता है , संसद , सभा आदि स्थान बुध के निवास स्थान होते हैं।

गुरु
कोषागार , बैंक , खजाना , घर या दुकान में रखा गल्ला आदि स्थान गुरु के निवास स्थान होते हैं।

शुक्र
शयनकक्ष रात्रि स्थान अर्थात मनोरम स्थान जैसे होटल का कमरा आदि। करने के मनोरम स्थान जल स्थान संयुक्त स्नान गृह आदि वाले कक्ष शुक्र के निवास स्थान होते हैं।

शनि
गंदगी डालने के स्थान कबाड़ डालने की स्थान वन पर्वत शरीर के निवास स्थान होते हैं।
विशेष
 प्रश्न कुंडली में चोरी का सामान किस स्थान पर है यह जानने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है।। साथ ही लग्न कुंडली में भी इसका प्रयोग किया जाता है ज्यादा कैसे स्थानों में रहना पसंद करेगा यह जानने के लिए।

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