जब पत्नी की कमाई पति से अधिक हो जाए

भारत में महिलाएं अब जाकर घर से निकल कर अपना नाम और अर्थ उपार्जन कर रही है। ताकि आर्थिक रूप से उनका परिवार आत्मनिर्भर हो सकें। भारत एक रूढ़िवादी देश है ऐसा माना जाता है और अधिकांश लोग यह मानते भी हैं यहां स्त्री के पैसे से पति का एवं घर का खर्च चले तो समाज उस पुरुष को हिकारत की नजर से देखता है। समय-समय पर उसके परिवार रिश्तेदार समाज दोस्त उसे ताना मारते हैं। जिससे पुरुष का व्यवहार बदलने की लग जाता है। स्थिति और भी खराब होने लगता है जब पत्नी की कमाई पति के कमाई से अधिक होने लगे। 

टॉइम्स ऑफ इंडिया में छपी एक खबर के मुताबिक अमेरिकी शोधकर्ताओं ने 6000 शादीशुदा जोड़ों पर 15 साल तक अध्ययन किया है । इस शोध में यह पाया गया कि जब पत्नी कि कमाई घर की आय का 40 फीसदी से अधिक हो जाए तो पतियों में व्याकुलता बढ़ जाती है ।शोधकर्ताओं के मुताबिक जब तक पत्नी घर खर्च में हाथ बंटाती है तब तक तो ठीक है, लेकिन एक बार उसकी कमाई पति से ज्यादा या आसपास भी हुई तो पुरुष असुरक्षित हो जाते हैं ।

यह शोध अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ बाथ के वैज्ञानिकों ने की है । इसमें पाया गया कि जो पति अपने गुजारे के लिए पूरी तरह से पत्नी की कमाई पर आश्रित होते हैं वह सबसे ज्यादा तनाव में रहते हैं । शोधकर्ता डॉ. जोआना सिर्डा के मुताबिक पुरुष को गृहस्थी के लालन-पालन का जिम्मेदार मानने वाली रुढ़िवादी सोच उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रही है ।

डॉ. सिर्डा ने बताया कि विवाह जैसे संस्थान में इस रुढ़िवादी सोच के विपरीत यदि महिलाएं पुरुष से अधिक कमाने लगें तो इसका असर सीधे वैवाहिक जीवन पर पड़ता है. इस प्रभाव का शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य उस व्यक्ति का गड़बड़ आने लग जाता है छोटी-छोटी बात पर चिढ़ाने लग जाता है। मानसिक रूप से परेशान रहता है, जीवन के प्रति असंतोष , जीवन को देखने का नजरिया बदल जाता है। सकारात्मकता से दूर होने लगता है। पत्नी को नीचा दिखाने का प्रयास करने लगता है। ऐसे व्यक्ति विवाहेत्तर संबंध भी बना लेते हैं। ऐसे संबंध बनाने के पीछे अपने पत्नी को नीचा दिखाना होता है। वे यह साबित करना चाहते हैं कि देखो तेरे पति पर आज भी लड़कियां मरती है भले ही मेरी इनकम कम क्यों ना हो। कुछ मामलों में  तलाक की स्थिति बन जाता है और जोड़े अलग हो जाते हैं । 

 पुरुषों को वक्त के साथ तालमेल बैठाना चाहिए । स्त्री और पुरुष दोनों एक गाड़ी के दो पहिए हैं दोनों में आपसी तालमेल होने से ही घर गृहस्ती सुख में हो सकता है। प्रोफेशनल लाइफ को घरेलू मामले या निजी जीवन में प्रवेश करने से रोकना चाहिए। पत्नी जो भी कमा रही है वह अपने परिवार के लिए ही तो कर रही है। इसमें उसका प्यार ही छुपा हुआ है जो घर और बाहर दोनों की जिम्मेदारी निभा रही है। पति सकारात्मक बातें ढूंढे ताकि नकारात्मकता धीरे-धीरे खत्म हो।

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