पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के व्यवसाय
इस नक्षत्र का विस्तार धनु राशि में 13 अंश 20 कला से लेकर 26 अंश 40 कला तक रहता है । इस नक्षत्र के चार चरण होते है ।
प्रथम चरण अक्षर -- " भू " ,
प्रथम चरण स्वामी ग्रह -- सूर्य ।
द्वितीय चरण अक्षर -- "धा " ,
द्वितीय चरण स्वामी ग्रह -- बुध ।
तृतीय चरण अक्षर -- "फा " ,
तृतीय चरण स्वामी ग्रह -- शुक्र ।
चतुर्थ चरण अक्षर -- " ढा " ,
चतुर्थ चरण स्वामी ग्रह --मंगल ।
इस नक्षत्र का स्वामी ग्रह शुक्र है । धनु राशि का स्वामी ग्रह गुरू है ।
इस नक्षत्र के अन्तर्गत निम्न व्यवसाय आते हैं ---
दूसरों को सम्मोहित करने का काम करने वाले अर्थात सम्मोहनकर्त्ता, प्रेत संपर्क माध्यम, नौसैनिक, जल सेना अधिकारी, जलपोत कर्मी, समुद्री जीव विज्ञान के विशेषज्ञ, जल परिवहन सेवा अथवा समुद्री यात्रा, मर्चेन्ट नेवी, जलपोत निर्माण उद्योग, पानी के जन्तु, मत्स्य पालन, मत्स्य व्यापार करने वाले इस नक्षत्र के अधिकार में आते हैं । आतिथ्य सत्कार करने वाले, स्वागतकर्त्ता, मनोरंजन उद्योग, मंच कलाकार के गायक व नर्तक, उत्साह व मनोबल बढ़ाने वाले मनोचिकित्सक तथा सलाहकार, प्राध्यापक, प्रवचनकर्ता, निराशा मिटाकर प्रोत्साहित करने वाले दार्शनिक आदि इस नक्षत्र के अन्तर्गत आते हैं ।
सभी स्तर के प्रबंधनकर्त्ता अथवा व्यवस्थापक, कवि, लेखक, कलाकार, चित्रकार, कच्चे माल अथवा खनिज का शोधन करने वाले उद्योग, द्रव्य व प्रवाहशील रसायनों का शोधन तथा डिब्बाबंदी, पैट्रोलियम पदार्थ का शोधन, युद्ध की नीति तथा आयुध विशेषज्ञ, सजावटी तथा विशेष पोशाकों के डिजाईनर, फैशन विशेषज्ञ, केश सज्जक, पैराशूट से नीचे उतरने वाले, हवा के गुब्बारों से यात्रा कराने वाले, नागरिक उड्डयन सेवा, सौन्दर्य प्रसाधक, रूप सज्जक, जड़ी-बूटी के ज्ञाता, मनोरंजन पार्क कर्मचारी इस नक्षत्र के अधीन आते हैं । जल तथा तरल पदार्थ से जुड़े सभी प्रकार के व्यवसाय जैसे पानी का व्यवसाय या कोल्ड ड्रिन्क व्यवसाय, पानी में पैदा होने वाले पदार्थ, पुल बनाना, धन विनिवेश व्यवसाय, फूलों व फलों का व्यवसाय आदि पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के जातक के लिए अनुकूल रहते हैं।
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