प्रेम होगा कि नहीं - IV
यहाँ प्रेम संबंध स्थापित होने के कुछ योग पोस्ट कर रहा हूँ , मात्र इतने ही योग हो तो ही प्रेम संबंध स्थापित होगा ऐसा नहीं है इसके अलावा भी योग होंते हैं।
1, यदि पंचमेश एवं सप्तमेश में परस्पर दृष्टि , युति , स्थान परिवर्तन संबंध हो , तो प्रेमसंबंध हो सकता है ।
2, यदि चतुर्थ भाव में शुक्र स्थित हो ,तो जातक विपरीत लिंग की तरफ़ अत्यधिक आकर्षित होगा ।
3, यदि लग्न भाव में शुक्र स्थित हो , तो जातक का प्रेमसंबंध स्थापित हो सकता हैं।
4, यदि सर्वाष्टक वर्ग में पंचम भाव और शुक्र से युत राशि को 30 से अधिक रेखाएँ प्राप्त हों , तो जातक के प्रेम सम्बंध हो सकता है ।
5, यदि शुक्र -मंगल एव चन्द्र - शुक्र की युति हो तो जातक का प्रेम -सम्बंध स्थापित हो सकता है
6, यदि पंचमेश का तृतीयेश से संबंध हो तो जातक का प्रेम संबंध स्थापित हो सकटा है ।
7, लग्न अथवा सप्तम भाव में चन्द्रमा स्थित हो अथवा सप्तमेश से चन्द्रमा युति करते हुए पंचम , नवम अथवा एकादश भाव में स्थित हो तो प्रेम संबंध स्थापित हो सकता है ।
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