कर्ज कब ले और कब ना लें
हम में से प्रत्येक व्यक्ति जीवन के किसी न किसी मोड़ पर अपने आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कर्ज लेता ही है। किसी को व्यापार करने के लिए कर्ज लेना पड़ता है। तो किसी को घर बनाने के लिए, तो किसी को विवाह करने के लिए, तो कोई बीमारी की वजह से कर्ज लेता है । कर्ज लेने के बाद कर्ज को सुगमता पूर्वक चुका लेना अति महत्वपूर्ण रहता है। यदि हम किसी कारणवश कर्ज नहीं चुका पाते तो भारी मानसिक एवं आर्थिक क्षति हमें होता है। कभी-कभी तो घर द्वार फैक्ट्री व्यवसाय भी बिक जाते हैं। साथ ही जेल जाने के भी नौबत आ जाते हैं । अतः ज्योतिषशास्त्र में माना गया है कि कर्ज लेने के लिये व्यक्ति को मुहूर्त जरुर देखना चाहिये। क्योंकि माना जाता है कि कुछ मुहूर्तों में लिया गया कर्ज कभी चुकता नहीं होता और दिया गया कर्ज कभी वापस नहीं मिलता है। ज्योतिष में वार, तिथि , नक्षत्र और योग कार्यों के अनुकूल प्रतिकूल माने जाते हैं।
1, कभी भी मंगलवार, शनिवार और रविवार के दिन कर्ज नहीं लेना चाहिये। इस दिन लिया गया कर्ज जल्दी से चुका नहीं पाते। किस वार के दिन कर्ज ना देने की बात करें तो बुधवार के दिन कभी किसी को उधार ना दें, वरना इस दिन दिया हुआ उधार डूब सकता है।
2, लग्न की बात करें तो 1 दिन में 12 लग्न पढ़ते हैं। और सभी लग्न कर्ज लेने के लिए शुभ नहीं होते है। इसलिये कभी भी चर लग्न में किसी को कर्ज नहीं देना चाहिये, वरना वापस नहीं मिलता। यदि आप इस लग्न में कर्ज लेते हैं तो आपका कर्ज जल्द ही उतर जायेगा, लेकिन देना अच्छा नहीं होता।
3, कभी भी व्यक्ति को हस्त नक्षत्र में कर्ज नहीं लेना चाहिये, लेकिन अगर आप इस नक्षत्र में कर्ज चुकाते हैं तो वो आपके लिये समृद्धिदायक रहेगा। इसके साथ ही कर्ज लेने के लिये निम्न नक्षत्रों में भी कभी ना लें। जिनमें से मूल, आद्रा, ज्येष्ठा, विशाखा, कृतिका, ध्रुव संज्ञक नक्षत्र और रोहिणी आदि का विशेष ध्यान रखें।
4, सालभर में पढ़ने वाले किसी भी सक्रांति को कर्ज ना लें । साल भर में 12 सक्रांति पड़ता है , अतः इन 12 संक्रांतियों में कर्ज नहीं लेना चहियें। संक्रांती में लिया गया कर्ज, कर्ज लेने वाला चुका नहीं पाता , बल्कि उसका कर्ज बढ़ते रहता है। जबकि रिक्ता तिथि में कर्ज चुकाने से जल्दी कर्ज उतर जाता है।
5. निम्न योग में लिया हुआ कर्ज कभी खत्म नहीं होता । वृद्धि योग, द्विपुष्कर योग, त्रिपुष्कर योग में लिया गया कर्ज कभी नहीं खत्म होता। इसलिये इस योग में भूलकर भी कर्ज ना लें।
निष्कर्ष
यदि स्थिर लग्न हो, मंगलवार का दिन हो, मूल नक्षत्र हो , सक्रांति हो और द्विपुष्कर त्रिपुष्कर या वृद्धि योग हो तो भूलकर भी कर्ज ना लें। ऐसी स्थिति में आप अपना कर्ज कभी नहीं चुका पाएंगे।
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